<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	
	>
<channel>
	<title>
	Comments on: वास्तु के सरल उपाय	</title>
	<atom:link href="https://www.joyvastu.com/%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%81-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a4%b2-%e0%a4%89%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%af/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.joyvastu.com/%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%81-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a4%b2-%e0%a4%89%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%af/</link>
	<description>Get Latest Vaastu Tips for Home, Commercial and Industrial</description>
	<lastBuildDate>Sun, 05 Apr 2026 13:13:18 +0000</lastBuildDate>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>
	<item>
		<title>
		By: Ajay singh		</title>
		<link>https://www.joyvastu.com/%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%81-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a4%b2-%e0%a4%89%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%af/#comment-9</link>

		<dc:creator><![CDATA[Ajay singh]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 27 Feb 2019 19:07:30 +0000</pubDate>
		<guid isPermaLink="false">http://www.joyvastu.com/?p=626#comment-9</guid>

					<description><![CDATA[१a - भूखण्ड के पिछली हिस्से की चौड़ाई की भुजा ( पूरब व आंशिक रूप से पूरब आग्नेय अर्थात ese में ) २२ फुट तथा आगे हिस्से की चौड़ाई की भुजा  ( उत्तर व आंशिक रूप से उत्तर वायव्य अर्थात nnw में ) 25 फुट हो इस प्रकार का भूखण्ड शुभकारी है या अशुभ कृपया इसमें निर्माण हेतु मार्गदर्शन करने की कृपा करें ।
     इस भूखण्ड का मुख उत्तर-पश्चिम उत्तर nwn व पश्चिम उत्तर पश्चिम wnw की ओर है ।
१b - क्या ऐसे भूखण्ड में उत्तर वायव्य में एक बड़ा गेट देने के बाद उत्तर की ओर ईशान से पॉचवें या छठे पद में दरवाजा देना वास्तु सम्मत है ?
२ - वास्तुशास्त्र के अनुसार प्रहरी द्वार को मुख्य द्वार माना जाता है या फिर वह दरवाजा जिससे घर में प्रवेश किया जाता है। दोनों में से  किसे मुख्य द्वार माना जायेगा तथा दोंनों मे से किसका प्रभाव अधिक होता है ?
३-  क्या पश्चिम उत्तर पश्चिम wnw में मेन गेट बनाने के साथ साथ  ईशान से पॉचवॉ या छठे पद में द्वार बनाना शुभकारी होगा।
अर्थात क्या दोनों तरफ दो दरवाजों का विधान वास्तुसम्मत है ।]]></description>
			<content:encoded><![CDATA[<p>१a &#8211; भूखण्ड के पिछली हिस्से की चौड़ाई की भुजा ( पूरब व आंशिक रूप से पूरब आग्नेय अर्थात ese में ) २२ फुट तथा आगे हिस्से की चौड़ाई की भुजा  ( उत्तर व आंशिक रूप से उत्तर वायव्य अर्थात nnw में ) 25 फुट हो इस प्रकार का भूखण्ड शुभकारी है या अशुभ कृपया इसमें निर्माण हेतु मार्गदर्शन करने की कृपा करें ।<br />
     इस भूखण्ड का मुख उत्तर-पश्चिम उत्तर nwn व पश्चिम उत्तर पश्चिम wnw की ओर है ।<br />
१b &#8211; क्या ऐसे भूखण्ड में उत्तर वायव्य में एक बड़ा गेट देने के बाद उत्तर की ओर ईशान से पॉचवें या छठे पद में दरवाजा देना वास्तु सम्मत है ?<br />
२ &#8211; वास्तुशास्त्र के अनुसार प्रहरी द्वार को मुख्य द्वार माना जाता है या फिर वह दरवाजा जिससे घर में प्रवेश किया जाता है। दोनों में से  किसे मुख्य द्वार माना जायेगा तथा दोंनों मे से किसका प्रभाव अधिक होता है ?<br />
३-  क्या पश्चिम उत्तर पश्चिम wnw में मेन गेट बनाने के साथ साथ  ईशान से पॉचवॉ या छठे पद में द्वार बनाना शुभकारी होगा।<br />
अर्थात क्या दोनों तरफ दो दरवाजों का विधान वास्तुसम्मत है ।</p>
]]></content:encoded>
		
			</item>
	</channel>
</rss>
